Tuesday, December 22, 2009

माँ !!!!!!!!!!






इन बाहों सा सुकून कहा मिलेगा ,माँ के प्यार जैसा प्यार कहा मीलेगा,
आखो में दर्द भरके भी मुस्कुराहट हमारी लाये एसा मासूम कहा मिलेगा ,
बचपन से तुम्हे लाड लगाए बड़े हो तो डाट से बचाए ,
तुम पे हो गुस्सा फिर तुम्हे ही गले लगाए,
चोट खाए हम और वो आंसू बहाए ,ये संस्कार कहा मिलेगा ,
दर्द हो तुम्हे जब छुए तुम्हे प्यार से वो हर दर्द ये दिल भूल जाये ,
हार हो तुम्हारी कभी तो फिर भी तुम्हे ही विजेता बनाए,
तुम्हे समझाकर तुम्हे सिने से लगाए ,ये दुल्हार कहा मिलेगा,
बस ये सोच कर मेरा दिल ये कह्जाये
क्यों न वो बचपन फिर लौट आये ,मुझे वो माँ का प्यार कुछ दिन और मिलजाए
एक बार फिर माँ मुझे गुडी में उठाये,काश वो अमर हो जाये ,
मेरी माँ का प्यार मुझे ज़िन्दगी भर के लिए मिलजाए .........


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